RANI PADMAVATI KA PARICHAY PART 1



रानी पद्मावती का परिचय
भारतीय इतिहास के पन्नों  में  अत्यंत  सुंदर और साहसी रानी ;रानी पद्मावती का उल्लेख है रानी पद्मावती को  रानी पद्मनी के नाम से भी जाना जाता है रानी पद्मावती के पिता सिंघल प्रांत (श्रीलंका )के राजा थे ! 
उनका नाम गंधर्वसेन था ! और उनकी माता का नाम चंपावती था ! पद्मावती बाल्य काल से ही दिखने में अत्यंत ही सुन्दर और आकर्षक थी !उनके माता -पिता नें उन्हें बड़े लाड प्यार से बड़ा किया था ! कहा जाता है की बचपन में पद्मावती के पास एक बोलता तोता था जिसका नाम हीरामणि रखा गया  था !



रानी पद्मावती का स्वयंवर 

रानी पद्मावती का स्वयंवर महाराज गंधर्वसेन ने अपनी पुत्री पद्मावती के विवाह के लिए उनका स्वयंवर रचाया था जिसमे भाग लेने के लिए भारत के अलग -अलग हिन्दू राज्यों के राजा-महाराजा आये थे ! 
गंधर्वसेन के राज दरबार में लगी राजा -महाराजाओ की भीड़ में एक छोटे से राज्य का पराक्रमी राजा मल्खान सिंह भी आया था ! उसी स्वयवर में विवाहित राजा रावल रत्न सिंह भी मौजूद थे उन्होंने मल्खान सिंह को स्वयंवर में परास्त कर के रानी पद्मावती पर अपना अधिकार सिध्द किया और उनसे धूम -धाम से विवाह रचा लिया !इस तरह राजा रावल रत्न सिंह अपनी दूसरी पत्नी रानी पद्मावती को स्वयंवर में जीत कर अपनी राजधानी चित्तोड़ वापस लौट गये !


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